Monday, October 30, 2017

सपने

इस झूठी दुनिया से
अच्छे मेंरे झूठे सपने
मुझे सोने दो...

Friday, October 27, 2017

इश्क

मेरे इश्क को बेफ़िजूली समझना गुनाह है तेरा
ग़र होता किसी रियासत का राजा तो तुझे सज़ा-ए-मौत मुक्कमल करता

शराफत

बेअदब से पेश आना फितरत हे मेरी
मेरी शराफत पर संदेह लाज़मी हैं...

शराफत

बेअदब से पेश आना फितरत हे मेरी
मेरी शराफत पर संदेह लाज़मी हैं...

सब्र और समझ

छोटे से गांव के एक क़स्बे में बाप अपने बेटे को डांट रहा था "आ गओ ठाकुर के छोरे से लड़के" गुस्से से तमतमाया बाप पास रखे लोटे से पान...