बेअदब से पेश आना फितरत हे मेरी
मेरी शराफत पर संदेह लाज़मी हैं...
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सब्र और समझ
छोटे से गांव के एक क़स्बे में बाप अपने बेटे को डांट रहा था "आ गओ ठाकुर के छोरे से लड़के" गुस्से से तमतमाया बाप पास रखे लोटे से पान...
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" बिंदिया जल्दी से धान समेट इंद्र बरस रहा है" बापू की आवाज सुन के अपनी सच्ची सखी कपड़े की गुड़िया को छोड़ वो छट से आँगन में धान सम...
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फिल्मे मनोंरजन का एक बेहद उपयुक्त साधन होती जा रही हे। लोग संडे का प्लान कहि घूमने जाने की बजाए मूवी देखने का बनाने लगे है। सब मूवी एक सी...
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