Monday, October 30, 2017

सपने

इस झूठी दुनिया से
अच्छे मेंरे झूठे सपने
मुझे सोने दो...

No comments:

Post a Comment

सब्र और समझ

छोटे से गांव के एक क़स्बे में बाप अपने बेटे को डांट रहा था "आ गओ ठाकुर के छोरे से लड़के" गुस्से से तमतमाया बाप पास रखे लोटे से पान...