कोशिश सब करतें हैं उड़ने की,
पर कुछ परिंदे ही आज़ाद होते हैं।
रूढ़िवादियों की बेड़ियों में बंधना आसान नहीं,
उसके लिए खुद को मारना पड़ता हैं।
आसान नही जीना ख़ुद की शर्तों पे यंहा,
कई दफा अपनों से ही लड़ना पड़ता हैं।
ऐसे ही नही मिल जाती उड़ान पंछियो को,
उन्हें भी अपने पंख फड़फड़ाने पड़ते हैं।
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